अपने भीतर की आत्म ज्योति को प्रज्वलित करो , भाग-3 (Self inner Lite the Baurn)

किसी भी घर की नींव यदि मजबूत हो तो उस पर अनेक मंजिल तक और भी घर बन जाते है! इसी तरह मनुष्य का मन भी है मन यदि साफ़ और सच्ची भावना से परिूण हो तो वह मन अनेक मंजिलो का सफर पूरा कर लेता है शक्ति के दो रूप है उसने दृश्य जगत… Continue reading अपने भीतर की आत्म ज्योति को प्रज्वलित करो , भाग-3 (Self inner Lite the Baurn)

अपने भीतर की आत्म ज्योति को प्रज्वलित करो -भाग 2 (Self Inner Lite The Baurn) दीपावली विशेष लेख !

ये सृष्टि जिसमे हम रहते है अद्वैत भावना से उत्पन्न है यहाँ हर चीज के दो रूप है दिन रात, जल अग्नि,सुख दुःख,सकारात्मक भाव नकारात्मक भाव , सर्दी गर्मी, नर मादा, आदि इसी तरह परम अवचेतन शक्ति का भी दो रूप है एक वो है दूसरा वो नहीं है! जब की वो है और सभी… Continue reading अपने भीतर की आत्म ज्योति को प्रज्वलित करो -भाग 2 (Self Inner Lite The Baurn) दीपावली विशेष लेख !

अपने भीतर की आत्म ज्योति को प्रज्वलित करो ! भाग- 1 (Self inner Lite The Baurn)

मनुष्य क्या है मनुष्य का जीवन क्यों है..यहाँ किसी इष्ट की बात नहीं करेंगे आज कुछ विचार करेंगे ...शुद्ध शक्ति जिसका स्वरुप कुछ भी हो नाम कुछ भी हो ..इससे क्या फर्क पड़ता है ...बात केवल शक्ति की करेगे... किसी एक व्यक्ति की सरचना को देखे ..उसका शरीर किसी दिन एक नन्हा सा सेल कोशिका… Continue reading अपने भीतर की आत्म ज्योति को प्रज्वलित करो ! भाग- 1 (Self inner Lite The Baurn)

खुशी का रहस्य …(The Seacret is happyness)

योग विज्ञान में अथवा आधुनिक चिकित्सा विज्ञानं में खुशी जैसी भावना का सर्वोच्च महत्त्व है!एक कहावत है की इलाज डाक्टर करता है लेकिन ठीक ईस्वर करता है! दोस्तों,कुछ जरुरी कार्यो की वजह से इस समय अधिक पोस्ट नहीं लिख पा रहा हूँ,लेकिन मैं लिखता रहूँगा ...मेरी नयी नयी पोस्ट्स आप तक आती रहेगी भले देर… Continue reading खुशी का रहस्य …(The Seacret is happyness)

शारीरिक और मानसिक बीमारियों को ठीक करने का आध्यात्मिक उपाय !(Mental And phisical cure all Problems)

स्वस्थ शरीर ही सब कुछ होता है चाहे वो मानसिक शरीर की बात हो या भौतिक शरीर की बाते हो स्वस्थ शरीर अनेक सुखो का कारण होता है तथा एक बीमार शरीर तमाम दुखो का कारण बनता है सामान्य बीमारिया जैसे जुकाम सर्दी की तो कोई बात नहीं किन्तु घातक बिमारियो से मनुष्य हर प्रकार… Continue reading शारीरिक और मानसिक बीमारियों को ठीक करने का आध्यात्मिक उपाय !(Mental And phisical cure all Problems)

शिवोहम, मेरा स्वयं का अनुभव और ईस्वरीय दर्शन ! (अजय कुमार)

आज मैं अपने कुछ विषेश आध्यात्मिक अनुभवों को नए तरीके से बहुत संछेप में प्रकट करने जा रहा हूँ इसलिए नहीं की मुझे ये उपलधि प्राप्त हुयी बल्कि इसलिए की जिन्हे अध्यात्म और अवचेतन की शक्ति पर विस्वास नहीं उन्हें मैं नयी दिशा प्रदान कर सकू!जिससे वो भी अपनी पवित्र किसी मनचाही योजना को साकार… Continue reading शिवोहम, मेरा स्वयं का अनुभव और ईस्वरीय दर्शन ! (अजय कुमार)

नवरात्री स्तुति ! (Devine thauts in mind)

देवी आदि शक्ति की आराधना करने के साथ स्तुति भी जरुरी है क्योकि देवी बाहर तो है ही मनुष्य के भीतर भी है मनुष्य किसी न किसी कामना की पूर्ति के लिए देवी देवताओ की पूजा अर्चना करता रहता है किन्तु उचित स्तुति के आभाव में कामना की पूर्ति नहीं हो पाती ! समस्त देवी… Continue reading नवरात्री स्तुति ! (Devine thauts in mind)

समस्त संसार मात्र इक भाव है (Hole universh is Only one intention )

ये समस्त संसार इक भाव है ! जहा हर दिन जीवन और मृत्यु का अनंत उपक्रम चल रहा है संसार की रचना संसार के रचने के भाव से हुयी है!एक अनंत शक्ति जो भक्त और भगवान दोनों स्वयं ही है और वो हर जग़ह कण कण में बिद्यमान है मन के भीतर का प्रत्येक भाव… Continue reading समस्त संसार मात्र इक भाव है (Hole universh is Only one intention )