अवचेतन￰ मन और धन!(Subconsias mind and mony)

इस टॉपिक पर जितना भी लिखा जाये कम ही लगता है बहुत सी बारीकियां बहुत सी पर्ते खुलनी जैसे बाकि रह जाती है!,चूकि मनुष्य को जन्म से लेकर मृत्यु तक धन की जरुरत होती है ! हमारा सामाजिक ताना बाना ही कुछ ऐसा है की कोई इससे बच ही नहीं सकता!!बचपन में धन की पूर्ति… Continue reading अवचेतन￰ मन और धन!(Subconsias mind and mony)