शेयर मार्किट में कब औऱ कैसे काम किया जाता है? (Deep information)

दोस्तों,
शेयर बाजार एक ग्लोबल मार्किट है! यहाँ आज के वक़्त में काम करने के लिए एक स्मार्ट फोन,इंटरनेट, एक डीमेट अकाउंट,तथा उस डीमैट अकाउन्ट मे कम से कम पंद्रह हज़ार रुपए चाहिए होते है!

इसके आलावा शेयर बाजार की अच्छी जानकारी होनी चाहिए तथा शुरू के कुछ समय तक किसी एक्सपर्ट के गाइडेंस में काम करना चाहिए मेरे अज़ीज़ मित्र जो मुझसे कई साल पहले से इस फील्ड में हैं,शुरू में मैंने उनसे जानकारी हासिल की फिर मुंबई की सेबी रजिस्टर्ड एक संस्था से 25000/ देकर इसकी ऑनलाइन ट्रेनिंग ली! मैं भी जब किसी को सीखाता हूँ तो फोन के जरिये ऑनलाइन ही सिखाता हूँ!

और ये सब मेरे अवचेतन मन में व्याप्त अधिक पैसे कमाने की चाहत के माध्यम से हुआ!
शेयर बाजार में तमाम स्टॉक्स इतने बेहतरीन स्टोक्स है जो प्रतिदिन बहुत सारा पैसा देते है मैं सिर्फ चार स्टोक्स में ही काम करता हूँ जो ये भी सदाबहार स्टोक्स हैं!
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कोई जरुरी नहीं की हर दिन चार स्टो्स में काम किया जाय प्रतिदिन ट्रेडिंग कार्य के लिए एक से दो स्टोक्स ही पर्याप्त होते है!

डीमेट अकाउंट में जितना ज्यादा पैसा होता है हम उतना अधिक मात्रा में किसी स्टॉक का शेयर खरीद और बेच सकते है!मान लीजिये, क्रूड ऑइल का मैंने 200 शेयर खरीद लिया 3890/ के भाव से,और एक घंटे के भीतर ही उसका भाव 3950/ हो गया मुझे पर शेयर 60/ रूपये का फायदा हुआ अब 200 शेयर को 60 से गुणा करे तो कुल फायदा 12000/ हुआ और ये फायदा एक घंटे के भीतर मिल गया!

किसी स्टॉक को हमें कब खरीदना है कब बेचना है इसका ये प्राइस एक्शन (Price action) फार्मूला होता है जिसके आधार पर इसे किया जाता है जो बहुत पुराने प्रोफेसनल ट्रेडर
है वो किसी भी शेयर को लाखो की संख्या में खरीदते है वो मात्रा 20/45 मिनट के लिए!
जैसे मान लीजिये किसी ने बैंक निफ्टी का एक करोड़ शेयर खरीद लिया और उसे सिर्फ दस रूपये की बढ़त पर ही बेच दिया तो पंद्रह मिनट में उसको फायदा मिला दस करोड़ का !दस बीस रूपये की बढ़त पांच से दस मिनट में ही प्राप्त हो जाती है !

लेकिन ज्यादा मात्रा में शेयर खरीदने के लिए उसी हिसाब से ज्यादा पैसो की जरुरत होती है! किन्तु अच्छी बात ये है की थोड़ा थोड़ा पैसा कमाकर उसे बड़े पैसे में कन्वर्ट किया जा सकता है!और सभी इसी तरह ही धनवान बनते है !इसे आप कही से भी सीख सकते है !

यदि धीरे धीरे समस्याएं बढ़ती है तो धीरे धीरे अमीरी को भी बढ़ाया जा सकता है! विशेष परस्थितियों में अमीरी की चाल को समस्याओं की चाल से थोड़ा तेज चलने की जरुरत होती है!
मेरा मानना है की आर्थिक समस्याएं एक मानसिक विकार से ज्यादा कुछ भी नहीं !

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