तथास्तु! (ब्रम्हाण्डीय चेतना और मनुष्य चेतना ) Must read!

तथास्तु!सब जगह उपलब्ध है,मनुष्य जिस चीज पर विस्वास करता है,उसके हर विस्वास पर एक तथास्तु लग जाता है,तथास्तु एक प्रकार की God Blesing है जो सृस्टि में अनवरत बह रही है! शून्य ब्रम्हाण्ड की चेतना है इस ब्रम्हांडीय चेतना में असीमित अलौकिक ज्ञान विज्ञान सब हिलोरे ले रहा है! मौन ब्रम्हांडीय चेतना की भाषा है!… Continue reading तथास्तु! (ब्रम्हाण्डीय चेतना और मनुष्य चेतना ) Must read!