What is heling power? इसे जानना जरुरी क्यों हैं?

किसी भी विषय को जानना और उसे मानना दोनों अलग अलग चीजे है ! कुछ लोग कोई एक विशेष विषय को जानते ही नहीं , कुछ लोग जानते है पर उसे मानते नहीं , सिर्फ जान लेने से काम नहीं बनता , बल्कि उसे मानने से काम बनता है ! हीलिंग शब्द के बहुत से मायने है , बहुतो को सिर्फ यही पता है की ,हीलिंग सिर्फ शरीर और स्वास्थ्य से जुड़ा शब्द है ! आइये पहले हीलिंग शब्द के व्यापकता पर एक नज़र डालते है !

0 समाज से सम्बंधित
0 रिलेशनसिप से सम्बंधित
0 धन से सम्बंधित
0 भूत काल से सम्बन्धित
0 सफलता से सम्बंधित
0 आयु से सम्बंधित
0 स्वास्थ्य से सम्बंधित
0 अध्यात्म से सम्बंधित
0 भाग्य से सम्बंधित
0 मानसिक ऊर्जा से सम्ब्धित
0 सम्पूर्ण जीवन से सम्बंधित
मनुष्य चाहे तो अपने जीवन के सभी पहलुओं को स्वयं ही हील करके सही कर सकता है ! बाहर की दुनिया भीतर की ऊर्जा का ही प्रतिबिम्ब है तथा ये छड़ भंगुर नाशवान है ऊर्जा तो हर पल काम कर रही है , इस ऊर्जा को उस तरफ फेकना जिधर हीलिंग की जरुरत है ही हीलिंग पावर है ! जैसे आपको धन चाहिए तो सिर्फ सोचने से धन नहीं मिलने वाला आपको उत्तम बलशाली शरीर चाहिए तो ये सिर्फ सोचने से नहीं होगा क्योकि सोच मिलावटी भी हो सकती है शंका सहित सोच से हीलिंग नहीं होती ,
इसके लिए विस्वास जरुरी है की मेरा शरीर निरोगी है या मैं खूब धन कमा रहा हूँ , वर्तमान पल ही जीवन है न इसके आगे जीवन है न इसके पीछे, जो कुछ भी है वह वर्तमान है ! और जो कुछ होता है वो वर्तमान में होता है,वर्तमान यानि जो अभी यह पल है , ये वर्तमान पल ही सब कुछ बनाता या बिगाड़ता है
वर्तमान में जो हम विस्वास पूर्वक सच मान रहे हैं वही क्रिएट हो रहा है पिछले समय में क्या किया गया अब इसका कोई औचित्य नहीं ! वर्तमान का विस्वास ही सबकुछ है ! विस्वास एक शक्ति है जो सम्बंधित विषय को अतिशीघ्र फलित कर देता है जब किसी को गरीबी पर विस्वास है तो गरीबी ही रहेगी , अमीरी भी विस्वास से ही आती है जरा सोचो जिस चीज पर हमें विस्वास ही नहीं वो हमें क्यों मिलेगा ,प्राप्ति का विस्वास होगा तभी प्राप्त हो सकता है ना! जीवन के किसी भी पहलु में यदि कोई गड़बड़ी हो रही है तो उसे विस्वास के माध्यम से हील किया जाता है ! शारीरिक रोग को दूर करने के लिये शरीर के भीतर की ऊर्जा को ध्यान मैडीटीशन द्वारा ऊपर उठाया जाता है और शरीर की हीलिंग हो जाती है ये ऊर्जा शरीर के सभी 33 ट्रिलियन सेल्स तक प्रवाहित होने लगती है ! और शारीर के सारे सेल्स को निरोग कर देती है ! जब मन किसी एक विचार या एक कल्पना पर बार बार बाइब्रेट करने लगता है तो वो चित्र या विचार उसके अनुरूप स्वयं को ढाल कर सामने आ जाता है ! सब कुछ मनुष्य के वर्तमान विस्वास पर आधारित होता है यही हीलिंग पावर है ! दवाइयों से हीलिंग पावर नहीं आती, आती भी है तो कुछ समय के लिए आती है!मनुष्य स्वयं एक जादूगर है लेकिन वो इसको मानने को तैयार ही नहीं, वो अपने आप से ही दूर रहकर जीना पसंद करता है ! अपने जीवन का करता, धर्ता मनुष्य स्वयं ही होता है ! जो लोग बहुत कुछ जानते हुए भी उसे नहीं मानते, उनके जीवन में वही होता है जो वो मानते है ! वो कुछ भी हो उससे मतलब नहीं है सिर्फ शारीर को ही नहीं जीवन के प्रत्येक पहलु को हील किया जा सकता है ! अब यहाँ विषय मानने और न मानने के ऊपर है !

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s