जीवन का जन्म!रहस्य!(Birth a Secret life)

किसी महिला के गर्भ में विकसित हो रहे भ्रूण को जब लगभग चालीस से अड़तालिस दिन हो जाते है,तो एक अवचेतन मन जिसे हम आत्मा या प्राण कहते है वो पारदर्शी रूप में आता है और महिला के नाभि केंद्र से उस भ्रूण के भीतर प्रवेश कर जाता है! उसके प्रवेश करते ही भ्रूण के… Continue reading जीवन का जन्म!रहस्य!(Birth a Secret life)

अवचेतन का प्रयोग और प्रभाव! (subconsias mind and efacte in life)

हर किसी के पास दो रास्ते होते है,किसी भी चीज को मानना या ना मानना! मानना मतलब विश्वास करना या न करना! और मजे की बात ये है की, मन की प्रत्येक स्थित पर अवचेतन शक्ति काम करती रहती है! आज का युग विकास शील युग है बढ़ती जनसँख्या के कारन जीवन के कर्म अस्त… Continue reading अवचेतन का प्रयोग और प्रभाव! (subconsias mind and efacte in life)

अलौकिक सृस्टि ! (Devine,a Nature)

इस संसार में एक सुई भी अपने आप नही बनी ,किसी ने इसकी खोज की इसकी परिकल्पना की तब जाकर एक सुई का निर्माण हुआ! और ये प्रकृति जिसमे अरबो तारे,सूर्य चंद्र ब्लैक होल्स गैलेक्सी जीवित अवस्था में मौजूद है,इसमें होने वाली सारी गतिविधि क्या मात्र एक स्वमेव क्रिया है, क्या सब कुछ अपने आप… Continue reading अलौकिक सृस्टि ! (Devine,a Nature)

समय- !एक कविता!

इक इक कण टूट रहा है सब कुछ छूट रहा है समय के साथ ही चलिए इसी के रंग में ढलिये हर पल घूम रही इस धरती के ऊपर नादान न बनिए समय के साथ ही चलिए!! कही रह ना जाये खाली उम्मीदें जीवन की वो सपने अपने अपने उनको खूब साकार करिये नादान ना… Continue reading समय- !एक कविता!

मैं अजनबी ! एक कविता !

मैं अजनबी कहा मेरी मंजिल कहा मेरा ठिकाना कहाँ है मुझे जाना ये किसी ने ना जाना !! रेत के समंदर में रहता हूँ लहरों के बीच मेरा घर धूप की किवाड़ के पीछे मेरा आंगन जहा से मेरा आना जाना कहाँ है मुझे जाना ये किसी ने न जाना !! एक एक परत लिपटी… Continue reading मैं अजनबी ! एक कविता !

ना जाने क्यों ? एक कविता!

जीवन की बगिया इस धरा पर महकती और चहकती हुई कोयल की कूक की तरह सुरीली और अलबेली लगती है न जाने क्यों!! पल पल बहती हुयी पुरवा और पछुआ मीठी बयार की तरह सुबह सुबह सूरज की पहली रेशमी किरण की तरह लगती है ये ना जाने क्यों!! जब से इसको पाए है इक… Continue reading ना जाने क्यों ? एक कविता!

शेयर बाजार! (Share Market) जानकारी !

दोस्तों पैसे कमाने के बहुत से लीगल तरीके हैं! ऐसे ही एक लीगल तरीका है शेयर बाजार से पैसे कमाने का!शेयर बाजार एक ग्लोबल मार्किट हैं,जहा हर दिन सप्ताह के लगभग पांच दिन मंडे से फ्राइडे तक तमाम कम्पनियो के शेयर ख़रीदे और बेचे जाते है ! शेयर खरीदने वाले को बायर तथा शेयर बेचने… Continue reading शेयर बाजार! (Share Market) जानकारी !

इक छोटा सा अँधेरा ! (एक कविता )

मन के भीतर दबा हुआ छुपा हुआ इक कोने में वो जाते समय का इक छोटा सा अँधेरा !! डर समय के जाने का जो आता नहीं कभी लौट कर मेरे पास उसके पास भी सायेद वक्त नहीं पलट कर किसी को देखने के लिए वो जाते समय का इक छोटा सा अँधेरा!! सब कुछ… Continue reading इक छोटा सा अँधेरा ! (एक कविता )

तथास्तु! (ब्रम्हाण्डीय चेतना और मनुष्य चेतना ) Must read!

तथास्तु!सब जगह उपलब्ध है,मनुष्य जिस चीज पर विस्वास करता है,उसके हर विस्वास पर एक तथास्तु लग जाता है,तथास्तु एक प्रकार की God Blesing है जो सृस्टि में अनवरत बह रही है! शून्य ब्रम्हाण्ड की चेतना है इस ब्रम्हांडीय चेतना में असीमित अलौकिक ज्ञान विज्ञान सब हिलोरे ले रहा है! मौन ब्रम्हांडीय चेतना की भाषा है!… Continue reading तथास्तु! (ब्रम्हाण्डीय चेतना और मनुष्य चेतना ) Must read!

अधूरी￰ किताब ! एक कविता!

वक्त बीत जाता है चलते चलते,पता ही नहीं चलता,बचपन की वो मासूम अठखेलिया कितनी जिम्मेदारिओं के बीच खो जाती है!अभी अधूरी है थोड़ी सी जीवन की किताब !! गांव के नहर और तालाब बगीचे जो मैंने देखी थी,जहा मैं खेलने जाता था साथियो के साथ वो अब वैसे नहीं मिलते मेरे साथ वो भी बदल… Continue reading अधूरी￰ किताब ! एक कविता!

आदतें और जीवन !(Habbites in life)

हमारा जीवन आदतों का जीवन है!आदते ही जीवन का निर्माण करती है!किसी भी आदत को जड़ पकड़ने में लगभग एक माह या इक्कीस दिन का समय लगता है!इसका एक जबरदस्त मनोबैज्ञानिक कारण है!मनुष्य मन के दो भाग है! 0 consias mind (चेतन मन) 0 subconsias mind (अवचेतन मन) Left bren(बायां भाग) Righte bren (दाहिना भाग)… Continue reading आदतें और जीवन !(Habbites in life)

सबसे बड़ा देवालय !(most,big devine place)

भारत भूमि के महान सिद्ध योगी जनो ने, तीन तरह के देवालय के बारे में बताया है! 0 अधम देवालय 0 मध्यम देवालय 0 सर्वोंत्तम देवालय अधम देवालय उन्हें बताया है जो सड़को के किनारे जबरन बनाये गए ! माध्यम देवालय वो जिनका निर्माण सर्वजन की सहमति से उचित स्थानों पर हुआ है! इन दो… Continue reading सबसे बड़ा देवालय !(most,big devine place)