लोभ

कुछ भावनाये सन्युक्त मन के जाल,अज्ञान/पराज्ञान,नस नाड़ियो के रक्त कुछ शक्ति कुछ कमजोरिया इंसान की पश्चात नस्वरता,गहन शून्यता !
जीवन का कण,कण इक डोर से बंधा हुआ है अप्रत्यक्छ
कोई तो साथ है हर सॉस के साथ, बस मस्तिष्क के जीवित होने तक ही सब कुछ यहाँ अपना है !

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